Income Tax Budget 2025: New Tax Regime में 12 लाख तक की आय पर अब कोई टैक्स नहीं!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2025 में मध्यम वर्ग और सैलरीड टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। नए टैक्स रेजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। यह बदलाव मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जिससे उनकी disposable income में वृद्धि होगी।

इस नए टैक्स स्ट्रक्चर के तहत, सैलरीड व्यक्तियों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपये तक बढ़ जाएगी, जिसमें 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल है। यह कदम मध्यम वर्ग पर टैक्स का बोझ कम करने और उनकी बचत को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

Income Tax Budget 2025: नए टैक्स रेजीम की मुख्य बातें

नए टैक्स रेजीम में किए गए बदलावों को समझने के लिए, आइए इसकी मुख्य विशेषताओं पर एक नज़र डालें:

विवरण जानकारी
टैक्स फ्री इनकम लिमिट 12 लाख रुपये (सैलरीड के लिए 12.75 लाख)
न्यूनतम टैक्स स्लैब 4-8 लाख रुपये पर 5%
अधिकतम टैक्स दर 24 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30%
स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये
टैक्स रिबेट धारा 87A के तहत 7 लाख रुपये तक
लागू होने की तिथि वित्तीय वर्ष 2025-26 से
पुराने टैक्स रेजीम की स्थिति अभी जारी, लेकिन नए रेजीम को प्रोत्साहन
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नए इनकम टैक्स स्लैब्स 2025-26

वित्त मंत्री ने नए टैक्स रेजीम के तहत निम्नलिखित इनकम टैक्स स्लैब्स की घोषणा की है:

  • 0-4 लाख रुपये: कोई टैक्स नहीं
  • 4-8 लाख रुपये: 5%
  • 8-12 लाख रुपये: 10%
  • 12-16 लाख रुपये: 15%
  • 16-20 लाख रुपये: 20%
  • 20-24 लाख रुपये: 25%
  • 24 लाख रुपये से ऊपर: 30%

इन नए स्लैब्स से मध्यम वर्ग को काफी राहत मिलेगी। उदाहरण के लिए, 16 लाख रुपये की सालाना आय वाले व्यक्ति को अब केवल 1,20,000 रुपये टैक्स देना होगा, जो पहले के मुकाबले 50,000 रुपये कम है।

New Tax Regime vs Old Tax Regime: क्या है अंतर?

नए और पुराने टैक्स रेजीम के बीच चुनाव करना टैक्सपेयर्स के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है। आइए दोनों के बीच तुलना करें:

नया टैक्स रेजीम:

  • कम टैक्स दरें और उदार स्लैब्स
  • सीमित डिडक्शन्स (जैसे धारा 80JJAA, 80M, स्टैंडर्ड डिडक्शन)
  • 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं

पुराना टैक्स रेजीम:

  • अधिक डिडक्शन्स और छूट (जैसे HRA, LIC प्रीमियम, PPF, मेडिकल इंश्योरेंस)
  • 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
  • 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक 5% टैक्स

महत्वपूर्ण नोट: सरकार नए टैक्स रेजीम को प्रोत्साहित कर रही है और इसे डिफॉल्ट विकल्प बना दिया गया है। टैक्सपेयर्स को पुराने रेजीम का चुनाव करने के लिए विशेष रूप से उसका चयन करना होगा।

कौन सा Tax Regime चुनें?

यह निर्णय व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। EY के अनुसार, एक सरल नियम है:

  • यदि आपकी सकल आय 24.75 लाख रुपये से अधिक है, तो नया टैक्स रेजीम तभी फायदेमंद होगा जब आपके डिडक्शन और छूट 8 लाख रुपये से कम हों (स्टैंडर्ड डिडक्शन को छोड़कर)।
  • 24 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए यह सीमा अलग-अलग हो सकती है।

Budget 2025 का मध्यम वर्ग पर प्रभाव

नए टैक्स रेजीम में किए गए बदलाव मध्यम वर्ग के लिए काफी फायदेमंद हैं:

  1. अधिक डिस्पोजेबल इनकम: 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं होने से लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा होगा।
  2. सरलीकरण: नया रेजीम कम जटिल है और टैक्स कैलकुलेशन को आसान बनाता है।
  3. युवा करदाताओं के लिए लाभकारी: कम डिडक्शन्स वाले युवा पेशेवरों के लिए नया रेजीम ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
  4. अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: अधिक डिस्पोजेबल इनकम से खपत में वृद्धि हो सकती है, जो अर्थव्यवस्था को गति दे सकती है।
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नए Tax Regime के फायदे और नुकसान

फायदे:

  • कम टैक्स दरें
  • सरल स्ट्रक्चर
  • कम पेपरवर्क
  • 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं

नुकसान:

  • सीमित डिडक्शन्स
  • लंबी अवधि की बचत को कम प्रोत्साहन
  • कुछ लोगों के लिए पुराना रेजीम अभी भी फायदेमंद हो सकता है

Income Tax Calculation: नए रेजीम में कितना बचेगा?

आइए कुछ उदाहरणों के साथ देखें कि नए टैक्स रेजीम में कितना टैक्स बचेगा:

  1. 12 लाख रुपये की सालाना आय:
    • पुराने रेजीम में: लगभग 1,17,000 रुपये टैक्स
    • नए रेजीम में: कोई टैक्स नहीं
    • बचत: 1,17,000 रुपये
  2. 15 लाख रुपये की सालाना आय:
    • पुराने रेजीम में: लगभग 1,95,000 रुपये टैक्स
    • नए रेजीम में: 45,000 रुपये टैक्स
    • बचत: 1,50,000 रुपये
  3. 20 लाख रुपये की सालाना आय:
    • पुराने रेजीम में: लगभग 3,64,000 रुपये टैक्स
    • नए रेजीम में: 1,95,000 रुपये टैक्स
    • बचत: 1,69,000 रुपये

नए Tax Regime का भविष्य

सरकार का लक्ष्य लंबे समय में सभी टैक्स छूटों को समाप्त करना और नए टैक्स रेजीम को मुख्य व्यवस्था बनाना है। इसके पीछे के कारण हैं:

  1. सरलीकरण: टैक्स सिस्टम को और अधिक सरल बनाना।
  2. कम Compliance बोझ: करदाताओं और टैक्स अधिकारियों दोनों पर बोझ कम करना।
  3. डिजिटलीकरण: टैक्स प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल बनाना।

क्या पुराना Tax Regime खत्म हो जाएगा?

अभी तक सरकार ने पुराने टैक्स रेजीम को समाप्त करने की कोई घोषणा नहीं की है। हालांकि, नए रेजीम को प्रोत्साहित किया जा रहा है:

  • नया रेजीम अब डिफॉल्ट विकल्प है।
  • बजट 2025 में पुराने रेजीम का कोई उल्लेख नहीं था।
  • अगस्त 2024 में, लगभग 72% करदाताओं ने नए रेजीम का चयन किया था।

टैक्सपेयर्स के लिए सुझाव

  1. अपनी वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करें: दोनों रेजीम में अपने टैक्स की गणना करें।
  2. लंबी अवधि की बचत पर विचार करें: नए रेजीम में कम डिडक्शन्स हैं, इसलिए अपनी बचत योजना पर पुनर्विचार करें।
  3. पेशेवर सलाह लें: जटिल वित्तीय स्थिति वाले लोगों को टैक्स सलाहकार से परामर्श लेना चाहिए।
  4. नियमित अपडेट रहें: टैक्स कानूनों में बदलाव की जानकारी रखें।

Disclaimer

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। टैक्स नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए निर्णय लेने से पहले हमेशा नवीनतम जानकारी और पेशेवर सलाह लें। सरकार द्वारा घोषित योजनाओं और नियमों में बदलाव हो सकता है, इसलिए किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना सुनिश्चित करें।

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